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भारी सामान के साथ स्टेशन का फुट ओवरब्रिज कैसे पार करें?

फुट ओवरब्रिज तभी मुश्किल लगता है जब सारा सामान एक साथ उठाकर चलना पड़े। जानिए आपका स्टेशन क्या सुविधा दे सकता है - लिफ़्ट, एस्केलेटर, कुली या बैटरी कार - और कौन-सा सामान ब्रेक वैन से भेजा जा सकता है।

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एक भारतीय रेलवे स्टेशन पर यात्री सूटकेस और बैग उठाकर फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियाँ चढ़ते हुए, नीचे प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ी ट्रेन - AI जनरेटेड चित्रण
एक नज़र में
PIB रिपोर्ट (जनवरी 2024)
597 स्टेशनों पर लिफ़्ट या एस्केलेटर
IR सामान नियम
क्लास अनुसार 35-70 किलो मुफ़्त
बड़े बैग
ब्रेक वैन में बुक कराएँ
मदद चाहिए?
कुली या यात्री मित्र
मम्मी-पापा को भेजें WhatsApp खुलेगा — जिन्हें भेजना है, उन्हें चुनें।

भारी सूटकेस और लंबा फुट ओवरब्रिज - यह मेल मुश्किल तभी लगता है जब सारा सामान एक ही बार में उठाकर चलना पड़े। लेकिन पुल ही अक्सर एकमात्र रास्ता नहीं होता, और हो सकता है सबसे भारी बैग को आपके साथ पार जाने की ज़रूरत ही न हो। आधिकारिक स्रोतों से जानिए आपके विकल्प।

पहले जानिए आपका स्टेशन क्या सुविधा देता है

जनवरी 2024 की PIB रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2023 तक Indian Railways ने 497 स्टेशनों पर 1,292 लिफ़्ट और 372 स्टेशनों पर 1,287 एस्केलेटर बनवाए थे - कुल 597 स्टेशनों पर दोनों में से कोई एक सुविधा Sugamya Bharat Abhiyan के तहत थी। यह जनवरी 2024 का आंकड़ा है, इसलिए इसे मौजूदा स्थिति नहीं, न्यूनतम मानें - उसी रिपोर्ट में इसे लगातार चलने वाली प्रक्रिया कहा गया है। 2019 की PIB रिपोर्ट बताती है कि सुविधा की शुरुआत बड़े NSG 1-4 श्रेणी के स्टेशनों से हुई। यात्रा से पहले जाँच लें कि आपके स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर लिफ़्ट या एस्केलेटर है या नहीं - स्टेशन के नोटिस बोर्ड, पूछताछ काउंटर या RailMadad ही मौजूदा स्रोत हैं।

पुल पर कम सामान ले जाएँ

रेलवे के सामान नियम तय करते हैं कि डिब्बे के अंदर क्या ले जा सकते हैं। 100 x 60 x 25 सेमी तक के सूटकेस कंपार्टमेंट में रखे जा सकते हैं; AC 3-टियर और चेयर कार में सीमा 55 x 45 x 22.5 सेमी है। इससे बड़ा सामान यात्री डिब्बे में नहीं, ब्रेक वैन में बुक होकर जाएगा - और आपकी ट्रेन से बुक किया गया सामान लगेज ऑफ़िस में ट्रेन के निर्धारित छूटने से कम से कम 30 मिनट पहले पेश करना होगा। मुफ़्त भत्ता क्लास के अनुसार है: AC फ़र्स्ट में 70 किलो, AC 2-टियर व फ़र्स्ट में 50 किलो, AC 3-टियर व चेयर कार में 40 किलो, स्लीपर में 40 किलो और सेकंड क्लास में 35 किलो है। 5-12 साल के बच्चों को आधा भत्ता (अधिकतम 50 किलो) मिलता है। इसके ऊपर क्लास के अनुसार 10-15 किलो का मार्जिनल भत्ता छूट के तौर पर है, मुफ़्त वज़न नहीं। नियमों के अनुसार मुफ़्त भत्ते से ऊपर परंतु मार्जिनल सीमा के भीतर पकड़ा गया बिना बुकिंग या आंशिक बुकिंग का सामान डेढ़ गुना दर से चार्ज होता है; क्लास की अधिकतम सीमा से आगे पकड़े जाने पर मुफ़्त भत्ते से ऊपर के अतिरिक्त वज़न पर दर का छह गुना लगता है, न्यूनतम ₹50। इसलिए घर पर तौल लें, और जिस सामान को नियम पहले से ब्रेक वैन का रास्ता देते हैं, उसे वहीं भेजें।

सामान किसी और से उठवाएँ

बड़े स्टेशनों पर लाइसेंसधारी कुली मिलते हैं; बैग सौंपने से पहले किराया तय कर लें। बुज़ुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए एक औपचारिक विकल्प है: 2016 की PIB रिपोर्ट में वर्णित यात्री मित्र सेवा, जो IRCTC की e-ticketing वेबसाइट और 139 (IVRS व SMS) से बुक होने वाली व्हीलचेयर-सह-कुली सेवा है। उस रिपोर्ट के अनुसार IRCTC इसे जहाँ संभव हो CSR भागीदारों के माध्यम से मुफ़्त देती है, अन्यथा भुगतान के आधार पर। यह 2016 की व्यवस्था है, इसलिए बुकिंग के समय अपने स्टेशन के लिए उपलब्धता ज़रूर पूछें। कुछ स्टेशनों पर बैटरी से चलने वाली गाड़ियाँ (BOV) भी हैं: 2019 की PIB रिपोर्ट के अनुसार डिवीज़नल रेलवे मैनेजर तय करते हैं कि ये commercial publicity के ज़रिए मुफ़्त चलें या user-pays आधार पर - स्टेशन पर पूछें।

पुल पर चलते समय

अगर सीढ़ियाँ ही एकमात्र रास्ता हैं, तो इसे एक ही चक्कर में निपटाएँ। बैग इस तरह बाँटें कि हर व्यक्ति उतना वज़न उठाए जितना वह सच में उठा सकता है, टिकट और फ़ोन ऐसी जेब में रखें जहाँ बैग खोले बिना निकल आएँ, और इतनी जल्दी निकलें कि घोषणा के सामने सीढ़ियों पर भागना न पड़े। बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ हों तो चाहे समतल रास्ता लंबा क्यों न हो, स्टेशन के लिफ़्ट वाले हिस्से से ही योजना बनाएँ।

जल्दी सवाल

क्या हर स्टेशन पर लिफ़्ट या एस्केलेटर है? नहीं। जनवरी 2024 की PIB रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2023 तक 597 स्टेशनों पर दोनों में से कोई एक सुविधा थी, और 2019 की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआत बड़े NSG 1-4 श्रेणी के स्टेशनों से हुई। दोनों आंकड़े अपनी तारीख़ के हैं - अपने स्टेशन के बोर्ड या पूछताछ काउंटर से जाँचें।

कोच में कितना सामान ले जा सकते हैं? रेलवे के सामान नियमों के अनुसार मुफ़्त भत्ता AC फ़र्स्ट में 70 किलो, AC 2-टियर/फ़र्स्ट में 50 किलो, AC 3-टियर व चेयर कार में 40 किलो, स्लीपर में 40 किलो और सेकंड क्लास में 35 किलो है, इसके ऊपर क्लास के अनुसार 10-15 किलो का मार्जिनल भत्ता छूट के तौर पर है, मुफ़्त वज़न नहीं - इसके भीतर पकड़ा गया बिना बुकिंग या आंशिक बुकिंग का सामान डेढ़ गुना दर से चार्ज होता है। बैग कंपार्टमेंट की साइज़ सीमा में भी आना चाहिए।

क्या कुली पहले से बुक किया जा सकता है? बुज़ुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए 2016 की PIB रिपोर्ट में यात्री मित्र बुकिंग IRCTC e-ticketing वेबसाइट और 139 से बताई गई है - व्हीलचेयर-सह-कुली सेवा, CSR से मुफ़्त या भुगतान पर - 2016 की व्यवस्था है, इसलिए बुकिंग के समय अपने स्टेशन पर उपलब्धता ज़रूर पूछें। अन्य यात्री स्टेशन पर लाइसेंसधारी कुली ले सकते हैं; किराया पहले तय करें।

सूटकेस 100 x 60 x 25 सेमी से बड़ा है - अब क्या? सामान नियमों के अनुसार बड़े बैग ब्रेक वैन में बुक कराने होंगे, जिन्हें लगेज ऑफ़िस में ट्रेन छूटने से कम से कम 30 मिनट पहले पेश करना होगा। बुकिंग और ढुलाई की व्यवस्था लगेज ऑफ़िस में ही कन्फर्म करें।

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Cheshta Agarwal
Founder · Travel Creator · Lawyer

A Miranda House graduate and lawyer who traded courtrooms for slow travel. Cheshta travels with the batches we host ourselves, with a soft spot for travelling alongside elders.

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इस लेख से जुड़े सवाल

पाठकों ने पूछा, हमने जवाब दिया

क्या हर स्टेशन पर लिफ़्ट या एस्केलेटर है?

नहीं। जनवरी 2024 की PIB रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2023 तक 597 स्टेशनों पर लिफ़्ट या एस्केलेटर था, और 2019 की रिपोर्ट बताती है कि सुविधा पहले NSG 1-4 श्रेणी के बड़े स्टेशनों से शुरू हुई। ये आंकड़े अपनी तारीख़ के हैं - अपने स्टेशन की मौजूदा स्थिति वहाँ के बोर्ड या पूछताछ काउंटर से जाँचें।

कोच में कितना सामान ले जा सकते हैं?

रेलवे के सामान नियमों के अनुसार मुफ़्त भत्ता AC फ़र्स्ट में 70 किलो, AC 2-टियर/फ़र्स्ट में 50 किलो, AC 3-टियर व चेयर कार में 40 किलो, स्लीपर में 40 किलो और सेकंड क्लास में 35 किलो है। 5-12 साल के बच्चे को आधा भत्ता (अधिकतम 50 किलो) मिलता है। इसके ऊपर क्लास के अनुसार 10-15 किलो का मार्जिनल भत्ता छूट के तौर पर है, मुफ़्त वज़न नहीं - इसके भीतर पकड़ा गया बिना बुकिंग या आंशिक बुकिंग का सामान डेढ़ गुना दर से चार्ज होता है।

क्या कुली पहले से बुक किया जा सकता है?

2016 की PIB रिपोर्ट के अनुसार बुज़ुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए यात्री मित्र सेवा IRCTC की e-ticketing वेबसाइट और 139 (IVRS/SMS) से बुक होती है - व्हीलचेयर के साथ कुली सेवा, CSR के तहत मुफ़्त या भुगतान पर। यह 2016 की व्यवस्था है, इसलिए बुकिंग के समय अपने स्टेशन पर उपलब्धता ज़रूर पूछें; अन्य यात्रियों के लिए स्टेशन पर लाइसेंसधारी कुली से किराया पहले तय करें।

सूटकेस 100x60x25 सेमी से बड़ा है - अब क्या?

रेलवे के सामान नियमों के अनुसार इससे बड़ा सामान यात्री डिब्बे में नहीं, ब्रेक वैन में ही जाएगा। इसे लगेज ऑफ़िस में ट्रेन के निर्धारित छूटने से कम से कम 30 मिनट पहले पेश करना होगा।

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