संक्षिप्त जवाब: goindigo.in पर View/Change booking में बुकिंग खोलिए, जिस यात्री को अतिरिक्त वज़न चाहिए उसे चुनिए, और प्री-पेड एक्सेस बैगेज स्लैब उसी यात्री और सेक्टर से जोड़िए। IndiGo के ऐड-ऑन - भोजन, सीट, प्री-पेड एक्सेस बैगेज - मौजूदा बुकिंग के अंदर जुड़ने वाले स्पेशल सर्विस रिक्वेस्ट हैं, और प्री-पेड एक्सेस बैगेज वेबसाइट या कॉल सेंटर से घरेलू प्रस्थान से 1 घंटे पहले और अंतरराष्ट्रीय से 2 घंटे पहले तक बुक किया जा सकता है। बाकी परिवार की अलाउंस अछूती रहती है, और जिसे वज़न नहीं चाहिए उसका पैसा नहीं लगता।
प्रति-यात्री क्यों मायने रखता है। IndiGo पर बैगेज अलाउंस प्रति यात्री लिखी होती है - घरेलू पर 15 किलो प्रति व्यक्ति - इसलिए अतिरिक्त वज़न का हिसाब भी प्रति यात्री होता है। परिवारों को असली तस्वीर घर के तौल पर दिखती है: तीन बैग 13 किलो, एक 22 किलो। इलाज चार ऐड-ऑन नहीं; भारी बैग के मालिक पर एक स्लैब, और थोड़ा पुनर्वितरण। ऐड-ऑन खरीदने से पहले दस मिनट की दोबारा पैकिंग अक्सर बिल आधा कर देती है।
सटीक तरीका। goindigo.in पर View/Change booking में जाइए और छह-अक्षरों वाले PNR और उपनाम या ईमेल से बुकिंग खोलिए। अंदर स्पेशल-सर्विसेज विकल्प से प्री-पेड एक्सेस बैगेज जोड़िए: यात्री चुनिए, सेक्टर चुनिए, स्लैब चुनिए, भुगतान करिए। स्लैब उस उड़ान-खंड के लिए उसी यात्री के नाम से जुड़ जाता है। दरें IndiGo की साइट के Baggage Rates सेक्शन में प्रकाशित हैं और रूट व स्लैब के हिसाब से बदलती हैं, इसलिए अंदाजे के बजाय मौजूदा तालिका देखिए - प्री-पेड किसी भी हालत में एयरपोर्ट की प्रति-किलो दर से काफी सस्ता है।
अगर वेबसाइट फ्लो में दिक्कत आए। कॉल सेंटर वही प्री-पेड स्लैब साझा PNR पर एक यात्री से जोड़ सकता है - बुकिंग में कई सेक्टर हों या एजेंट से बनी हो तो उपयोगी। उसी पेज पर एक बड़ा लीवर भी है: Split PNR। अगर किसी एक यात्री की बैगेज ज़रूरतें बिल्कुल अलग हैं - मान लीजिए, परिवार के साथ पढ़ने जा रहा छात्र - तो उसे अपने PNR पर अलग करने से आगे का हर बदलाव (बैगेज, तारीखें, सीटें) साफ रहता है। सामान्य छुट्टी के लिए सादा ऐड-ऑन काफी है।
समय के जाल। प्री-पेड की खिड़की घरेलू से 1 घंटे और अंतरराष्ट्रीय से 2 घंटे पहले बंद हो जाती है - उसके बाद सिर्फ एयरपोर्ट दरें, जो महंगी किस्म की हैं। स्लैब शाम को खरीद लीजिए, सुबह बैग फिर तौलिए, और प्रति-पीस सीमा याद रखिए: IndiGo एक चेक्ड पीस को 23 किलो पर रोकती है, यानी 20 किलो का स्लैब भी एक 30 किलो के सूटकेस में नहीं चढ़ सकता। दो बैग में बांटिए या सीमा के नीचे रहिए।
TripKeeper इसे कैसे संभालता है। हमारी यात्राओं से पहले हम बताते हैं कि कौन-सा बैग सीमा से टकराएगा और ऐड-ऑन सस्ता है या दोबारा पैकिंग - पहले से, प्री-पेड दरों पर, सही व्यक्ति के नाम से बुक करके। परिवार की अगली उड़ान के लिए यह करवाना हो, तो ट्रिप-प्लानिंग इंक्वायरी भेजिए।
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