- ऊँट सफ़ारी
- खुरी के रेतीले टीलों पर, ज़्यादातर स्थानीय ऊँट मालिक चलाते हैं (राजस्थान पर्यटन)
- जीप सफ़ारी
- सम और खुरी के पास टीलों के रास्तों पर (राजस्थान पर्यटन)
- सफ़र का समय, किराया
- कोई सरकारी आँकड़ा नहीं मिला
- कैंपिंग का मौसम
- अक्टूबर से मार्च (राजस्थान पर्यटन)
खुरी जैसलमेर से एक दिन का टीलों का सफ़र है। सरकारी पेज कम हैं: वे खुरी का नाम लेते हैं, वहाँ क्या कर सकते हैं बताते हैं और रुक जाते हैं। हम सफ़र का समय या कीमत नहीं गढ़ेंगे। नीचे वह कार्यक्रम है जिसे ड्राइवर से असली आँकड़े मिलने पर आप भर सकते हैं।
1. राजस्थान पर्यटन क्या कहता है
- ऊँट और ऊँट-गाड़ी सफ़ारी सम के रेतीले टीलों और खुरी के रेतीले टीलों पर चलती हैं।
- ये मुख्य रूप से स्थानीय ऊँट मालिक चलाते हैं, और कुछ रिसॉर्ट या कैंप संचालक अपने पैकेज में ऊँट की सवारी जोड़ते हैं।
- जीप सफ़ारी या ड्यून बैशिंग लखमना टीलों पर और सम व खुरी के पास कुछ सुनसान टीलों के रास्तों पर बताई गई है।
- कैंपिंग के लिए अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा है।
2. जो पक्का नहीं हो पाया
हमें कोई सरकारी पेज नहीं मिला जिसमें जैसलमेर से खुरी की सड़क दूरी या सफ़र का समय, ऊँट या जीप के दाम, टीलों पर सूर्यास्त का समय या प्रवेश के नियम हों। किराए संचालक तय करते हैं, इसलिए शुरू करने से पहले तय कर लें। हमने जगह का सर्वे नहीं किया।
3. नमूना कार्यक्रम
उस समय से पीछे की ओर चलें जब आपको जैसलमेर लौटना है।
- पहले होटल लौटने का आख़िरी समय तय करें। टीलों पर देरी के लिए कम से कम एक घंटे का बफ़र जोड़ें।
- उसमें से ड्राइवर का बताया सफ़र का समय घटाएँ। यही टीलों से निकलने का आख़िरी समय है।
- ऊँट या जीप की सवारी उससे पहले के एक-दो घंटे में रखें। नीची धूप में टीले बेहतर लगते हैं, इसलिए अपनी तारीख़ का सूर्यास्त समय पूछ लें।
- सुबह-सुबह नहीं, देर सुबह या दोपहर के खाने के बाद निकलें। शुरुआती घंटे शहर में, क़िले या झील के लिए रखें।
- अगर कैंप में शाम का शो देखना है, तो वापसी की कार उसके बाद की बुक करें, या रात वहीं रुकें।
4. निकलने से पहले तय करें
- कार, इंतज़ार और वापसी का एक कुल दाम, लिखित या मैसेज में।
- ऊँट की सवारी कितनी लंबी है और दर क्या है, और जीप की सवारी अलग है या नहीं।
- कार कहाँ इंतज़ार करेगी, और देर होने पर ज़िम्मेदारी किसकी है।
- जिस दिन जा रहे हैं उस दिन कैंप या संचालक खुला है या नहीं। फ़ोन करके पूछें।
5. व्यावहारिक
- पानी, स्कार्फ़ या टोपी और रेत के लिए धूप का चश्मा रखें।
- वापसी के सफ़र के लिए फ़ोन में चार्ज रखें। टीलों पर सिग्नल मानकर न चलें।
- किसी को ऊँट या हिचकोले पसंद नहीं, तब भी टीलों पर टहलना बनता है। संचालक को पहले बता दें।
स्रोत
राजस्थान पर्यटन (tourism.rajasthan.gov.in)। 30 अक्टूबर 2026 को देखा गया।
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