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पहली विदेश उड़ान: एयरपोर्ट पर हर क़दम, क्रम से

चेक-इन, इमिग्रेशन, सिक्योरिटी, गेट। भारत से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान के एयरपोर्ट के क़दम, क्रम से, दिल्ली एयरपोर्ट और एयर इंडिया के नियमों के साथ।

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हवाई अड्डे के टर्मिनल में ट्रॉली के साथ चलता परिवार, पहली विदेश यात्रा (चित्रात्मक छवि)
मम्मी-पापा को भेजें WhatsApp खुलेगा — जिन्हें भेजना है, उन्हें चुनें।

भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आप पाँच काम क्रम से करते हैं: चेक-इन और बैग ड्रॉप, इमिग्रेशन, सिक्योरिटी, गेट खोजना और बोर्डिंग। दिल्ली एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को उड़ान से कम से कम 3 घंटे पहले पहुँचने की सलाह देता है, और कुछ एयरलाइनें इससे ज़्यादा कहती हैं: इंडिगो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 4 घंटे की सलाह देती है, इसलिए अपनी एयरलाइन की सलाह मानें। एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय चेक-इन काउंटर उड़ान से 60 मिनट पहले बंद करती है (दिल्ली में 75 मिनट) और बोर्डिंग गेट 20 मिनट पहले। हमने उदाहरण के लिए दिल्ली लिया है। दूसरे एयरपोर्ट का नक्शा अलग होगा, पर क्रम और नियम इसी तरह के हैं।

घर से निकलने से पहले

पासपोर्ट असली लेकर चलें। फ़ोटोकॉपी से अंदर नहीं जा सकते: CISF की यात्री गाइड कहती है कि हवाई अड्डे में प्रवेश के लिए पहचान पत्र की फ़ोटोकॉपी मान्य नहीं है। दिल्ली एयरपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पास पासपोर्ट होना ज़रूरी है और गंतव्य देश के वीज़ा नियम पहले देखने चाहिए। शुरुआत हमारी वीज़ा गाइड से करें। टिकट फ़ोन में रखें और प्रिंटआउट भी, जो आपकी एयरलाइन माँगे। (स्रोत: दिल्ली एयरपोर्ट की पहली बार उड़ने वालों की गाइड, CISF यात्री गाइड)

वेब चेक-इन से कतार बचती है, पर नियम एयरलाइन के हिसाब से बदलते हैं। एयर इंडिया इसे उड़ान से 48 घंटे पहले खोलती है और 2 घंटे पहले बंद करती है, और कोडशेयर उड़ानों पर यह सुविधा नहीं मिलती। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बोर्डिंग पास नहीं, एक कन्फ़र्मेशन स्लिप मिलती है। बोर्डिंग पास एयरपोर्ट के काउंटर पर दस्तावेज़ जाँच के बाद मिलता है। अपनी एयरलाइन का पेज खुद देख लें, वही नियम मानकर न चलें। (स्रोत: एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय चेक-इन)

पैकिंग के नियम जिनमें लोग फँसते हैं

  • एक केबिन बैग। दिल्ली एयरपोर्ट में विमान के अंदर एक हैंडबैग या केबिन बैग की अनुमति है। साइज़ और वज़न की सीमा टिकट पर लिखी होती है, वहीं देखें।
  • तरल, जेल और एयरोसोल: 100 मिली या उससे छोटे डिब्बे, सब एक पारदर्शी रीसील होने वाले बैग में, कुल 1,000 मिली तक। ज़रूरी दवाइयाँ और बच्चे का खाना इसमें छूट हैं। पर्चा साथ रखें।
  • हैंड लगेज में नहीं: कैंची और हर तरह के चाकू, स्विस चाकू भी, दिल्ली एयरपोर्ट के पेज पर दी सरकारी सूची के अनुसार। नेल कटर और नेल फ़ाइल दोनों बैग में चलते हैं।
  • अतिरिक्त बैटरी और पावर बैंक: सिर्फ़ केबिन बैग में, चेक-इन सामान में कभी नहीं। एयर इंडिया का पेज 100 Wh तक की अतिरिक्त लिथियम-आयन बैटरी (लिथियम-मेटल बैटरी में 2 ग्राम तक लिथियम) की अनुमति देता है, प्रति व्यक्ति दो स्पेयर से ज़्यादा नहीं, और हर बैटरी शॉर्ट सर्किट से बचाकर रखनी होती है: प्लास्टिक बैग में, टर्मिनल पर टेप लगाकर, या प्रोटेक्टिव केस में। पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरी ओवरहेड बिन में नहीं रखी जा सकतीं, और DGCA ने MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। बैटरी से चलने वाले व्हीलचेयर के नियम अलग हैं, जिनमें बड़ी स्पेयर बैटरी भी चलती है; माता-पिता व्हीलचेयर इस्तेमाल करते हैं तो एयरलाइन का पेज ज़रूर पढ़ें। एयरलाइनें अपनी सीमा खुद तय करती हैं, इसलिए अपनी एयरलाइन का पेज पढ़ें।
  • लाइटर और ई-सिगरेट: किसी भी बैग में नहीं। दिल्ली एयरपोर्ट के पेज पर दी सरकारी सूची दोनों को केबिन और चेक-इन, दोनों सामान में रोकती है, और एयर इंडिया की सूची भी यही कहती है। घर पर ही छोड़ दें।
  • नारियल और घी: नियम उतने सख़्त नहीं जितने लगते हैं। पूरा नारियल चेक-इन सामान में जाता है, केबिन में नहीं। सूखा नारियल (कोपरा) और कुचला सूखा नारियल बिल्कुल नहीं चलता। घी और खाना पकाने का तेल दोनों जगह चलते हैं: केबिन में 100 मिली के तरल नियम के भीतर, और चेक-इन सामान में प्रति यात्री 5 किलो तक। यह एयर इंडिया की प्रतिबंधित वस्तुओं की तालिका है, जो दिल्ली एयरपोर्ट के पेज पर दी सरकारी सूची से मेल खाती है; दूसरी एयरलाइनें अलग हो सकती हैं, इसलिए अपनी एयरलाइन देख लें।

(स्रोत: दिल्ली एयरपोर्ट सुरक्षा और बैगेज नियम, एयर इंडिया की प्रतिबंधित वस्तुएँ)

पहला क़दम: एयरपोर्ट पहुँचें और टर्मिनल में जाएँ

अंतरराष्ट्रीय उड़ान से कम से कम 3 घंटे पहले पहुँचने का लक्ष्य रखें; इंडिगो 4 घंटे की सलाह देती है। दिल्ली एयरपोर्ट वजह भी बताता है: सिक्योरिटी और इमिग्रेशन में समय लगता है। टर्मिनल में सिर्फ़ टिकट वाले यात्री जा सकते हैं। दरवाज़े पर पासपोर्ट और टिकट या बोर्डिंग पास तैयार रखें। दिल्ली के प्रस्थान पेज के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उड़ान से 6 घंटे पहले तक प्रवेश खुल जाता है। (स्रोत: दिल्ली एयरपोर्ट प्रस्थान चेक-इन)

दूसरा क़दम: चेक-इन और बैग ड्रॉप

अपनी एयरलाइन का काउंटर खोजें, या सेल्फ़-सर्विस कियोस्क से बोर्डिंग पास और बैग टैग निकालें। ऑनलाइन चेक-इन कर चुके हैं तो सीधे बैग ड्रॉप पर जाएँ। दिल्ली में सेल्फ़ बैगेज ड्रॉप भी है। वेब चेक-इन छूट गया हो तो दिल्ली के अनुसार कियोस्क उड़ान से 1 घंटे पहले तक चलते हैं। इस पर भरोसा न करें। असली समय-सीमा काउंटर बंद होने का समय है: एयर इंडिया के भारतीय एयरपोर्ट पर उड़ान से 60 मिनट पहले और दिल्ली में 75 मिनट पहले।

तीसरा क़दम: पहले इमिग्रेशन, फिर सिक्योरिटी

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय यात्री सिक्योरिटी स्क्रीनिंग से पहले इमिग्रेशन पूरा करते हैं।

सिक्योरिटी पर धातु की चीज़ें, बेल्ट, कंगन और जैकेट नीली ट्रे में रखें। फ़ोन, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्टवॉच अलग ट्रे में जाते हैं। जूते उतारने को कहा जा सकता है, उनके लिए लाल ट्रे है। दिल्ली की सलाह है कि चार्जर, हेडफ़ोन और चश्मे ट्रे या केस के अंदर रखें, ताकि वे स्कैनर में इधर-उधर न खिसकें।

डिजी यात्रा काम की चीज़ है, पर इस सफ़र के लिए नहीं: दिल्ली एयरपोर्ट का पेज कहता है कि यह फ़िलहाल सिर्फ़ घरेलू यात्रियों के लिए है। दिल्ली में ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम के सदस्यों के लिए फ़ास्ट-ट्रैक लेन भी हैं, जिनमें भारतीय नागरिक और OCI कार्डधारक शामिल हैं।

चौथा क़दम: गेट और बोर्डिंग

बोर्डिंग पास और स्क्रीन पर गेट देख लें, क्योंकि गेट बदलते हैं। ज़्यादा दूर न जाएँ। CISF की गाइड साफ़ कहती है: समय पर गेट पर न पहुँचे तो एयरलाइन आपके बिना उड़ सकती है। एयर इंडिया बोर्डिंग गेट उड़ान से 20 मिनट पहले बंद करती है, और इंडिगो के अनुसार 25 मिनट पहले।

हमारी सलाह

पासपोर्ट और बोर्डिंग पास एक पाउच में रखें जो शरीर पर टँगा हो, उस बैग में नहीं जो आप काउंटर पर थमा देते हैं। माता-पिता धीरे चलते हैं तो मदद पहले से बुक करें। तरीक़ा हमने लिखा है: भारतीय एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर सहायता। जाने का महीना अभी तय नहीं किया तो महीना कैसे चुनें पढ़ें।

पहली यात्रा में कोई संस्थापक साथ बैठकर समझाए, ऐसा चाहिए? WhatsApp पर लिखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए एयरपोर्ट कितनी जल्दी पहुँचें? दिल्ली एयरपोर्ट उड़ान से कम से कम 3 घंटे पहले पहुँचने की सलाह देता है; कुछ एयरलाइनें ज़्यादा कहती हैं (इंडिगो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 4 घंटे), इसलिए अपनी एयरलाइन की सलाह मानें। एयर इंडिया के काउंटर भारतीय एयरपोर्ट पर उड़ान से 60 मिनट पहले और दिल्ली में 75 मिनट पहले बंद होते हैं।

क्या अंतरराष्ट्रीय उड़ान का चेक-इन ऑनलाइन हो सकता है? आम तौर पर हाँ, पर यह एयरलाइन पर निर्भर है। एयर इंडिया का वेब चेक-इन उड़ान से 48 घंटे पहले से 2 घंटे पहले तक चलता है और कन्फ़र्मेशन स्लिप देता है। बोर्डिंग पास एयरपोर्ट काउंटर पर दस्तावेज़ जाँच के बाद मिलता है।

हैंड लगेज में क्या नहीं ले जा सकते? दिल्ली एयरपोर्ट के पेज पर दी सरकारी सूची के अनुसार कैंची और चाकू (स्विस चाकू भी) चेक-इन सामान में जाने चाहिए, जबकि नेल कटर और नेल फ़ाइल केबिन में चलते हैं। तरल हर डिब्बे में 100 मिली या कम, एक पारदर्शी रीसील होने वाले बैग में, कुल 1,000 मिली तक। अतिरिक्त बैटरी और पावर बैंक केबिन बैग में जाते हैं, चेक-इन सामान में नहीं, अपनी एयरलाइन की सीमा के भीतर।

इमिग्रेशन सिक्योरिटी से पहले होता है या बाद में? दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्री पहले इमिग्रेशन पूरा करते हैं, फिर सिक्योरिटी स्क्रीनिंग।

क्या टर्मिनल के दरवाज़े पर पासपोर्ट की फ़ोटोकॉपी चलेगी? नहीं। CISF की यात्री गाइड के अनुसार हवाई अड्डे में प्रवेश के लिए पहचान पत्र की फ़ोटोकॉपी मान्य नहीं है। असली पासपोर्ट रखें।

क्या मेरे माता-पिता अंतरराष्ट्रीय उड़ान में डिजी यात्रा इस्तेमाल कर सकते हैं? फ़िलहाल दिल्ली में नहीं। एयरपोर्ट का पेज कहता है कि डिजी यात्रा अभी सिर्फ़ घरेलू यात्रियों के लिए है।

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Cheshta Agarwal
Founder · Travel Creator · Lawyer

A Miranda House graduate and lawyer who traded courtrooms for slow travel. Cheshta travels with the batches we host ourselves, with a soft spot for travelling alongside elders.

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