छोटा जवाब: हां, अगर यह टूरिस्ट या विजिट वीजा है। भारतीय पासपोर्ट रिन्यू होने पर पुराना पासपोर्ट कैंसल हो जाता है, लेकिन उसमें चिपका वैध UAE वीजा नहीं - UAE इमिग्रेशन उस वीजा को तब तक मानता है जब आप दोनों पासपोर्ट एक साथ पेश करें। नया वीजा या ट्रांसफर करवाने की जरूरत नहीं। शर्तें बस इतनी हैं: वीजा अभी भी वैध हो, दोनों पासपोर्ट पर आपका नाम और विवरण एक जैसा हो, और पुराना पासपोर्ट रिन्यूअल से कैंसल हुआ हो, खोया-रिपोर्टेड नहीं। अगर आपके पास विजिट वीजा की जगह UAE रेजिडेंस वीजा है, तो जवाब बदल जाता है - बुकिंग से पहले नीचे रेजिडेंस वाला हिस्सा जरूर पढ़ें।
पासपोर्ट खत्म होने पर वीजा क्यों बचता है। वीजा की वैधता और पासपोर्ट की वैधता अलग-अलग घड़ियों पर चलती है। भारत में पासपोर्ट रिन्यू होने पर पुरानी कॉपी कैंसल होकर लौट आती है - आमतौर पर कोना कटा या मुहर लगी - लेकिन उसमें चिपके वीजा जारी करने वाले देश की संपत्ति रहते हैं, और UAE रिन्यूअल-कैंसल पासपोर्ट में मौजूद वैध वीजा को नए पासपोर्ट के साथ इस्तेमाल योग्य मानता है। दोनों पासपोर्ट को साथ रखें - रबर बैंड लपेटना क्लासिक तरीका है - और वीजा पेज या ई-वीजा PDF की प्रिंटेड कॉपी भी साथ रखें।
विजिट वीजा: चेकलिस्ट। एक, वीजा की अपनी वैधता की तारीखें आपकी यात्रा की तारीखों को ढकें। दो, दोनों पासपोर्ट पर नाम, जन्मतिथि और राष्ट्रीयता बिल्कुल एक जैसी लिखी हो - अगर रिन्यूअल पर नाम बदला (जैसे शादी के बाद), तो पुराना वीजा चलेगा यह मानकर न चलें; बुकिंग से पहले वीजा जारीकर्ता या एयरलाइन से पक्का करें। तीन, पुराना पासपोर्ट रिन्यूअल-कैंसल वाला हो, खोया-या-चोरी रिपोर्ट किया हुआ नहीं - खोए पासपोर्ट में मिला वीजा अलग मुसीबत है। चार, ज्यादातर UAE टूरिस्ट वीजा ई-वीजा होते हैं, तो वीजा PDF प्रिंट करें; पुराने पासपोर्ट में कोई स्टिकर हो भी सकता है और नहीं भी।
रेजिडेंस वीजा: दो-पासपोर्ट वाली जुगाड़ पर भरोसा न करें। अगर आप UAE में रहते हैं और भारतीय पासपोर्ट रिन्यू करवाया है, तो नियम और व्यवहार दोनों एक ही दिशा दिखाते हैं: रेजिडेंस परमिट का डेटा नए पासपोर्ट नंबर पर अपडेट करवाएं - दुबई में जारी परमिट के लिए GDRFA से, बाकी अमीरात के लिए ICP से। UAE सरकारी पोर्टल के मुताबिक रेजिडेंट को एक महीने के भीतर व्यक्तिगत विवरण में बदलाव रिपोर्ट करना होता है, और भले कई रेजिडेंट दोनों पासपोर्ट लेकर बिना दिक्कत यात्रा कर चुके हैं, अपडेट न कराए परमिट पर एयरलाइन स्टाफ के बोर्डिंग रोकने की रिपोर्ट भी हैं। यह अपडेट एक रूटीन सर्विस है; यात्रा से पहले करा लें, चेक-इन डेस्क पर बहस करने से बेहतर है।
असली दिक्कत कहां आती है: भारत का डिपार्चर काउंटर। दुबई इमिग्रेशन दो-पासपोर्ट वाला मामला रोज देखता है और बिना नखरे प्रोसेस करता है। घर्षण की असली जगह भारत में एयरलाइन का चेक-इन डेस्क है, जहां स्टाफ बोर्डिंग पास देने से पहले डेस्टिनेशन के नियमों के हिसाब से दस्तावेज जांचता है। जो यात्री दोनों पासपोर्ट और प्रिंटेड वीजा लेकर शांति से कहे 'वीजा वैध है, पासपोर्ट रिन्यू हुआ है, दोनों यहां हैं,' वह बोर्ड करता है। जिसका ई-वीजा ईमेल में दबा है और पुराना पासपोर्ट साथ नहीं, वह नहीं। दोनों पासपोर्ट केबिन बैग में रखें, चेक-इन सामान में नहीं, और एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचें।
TripKeeper कहां आता है। जब हम दुबई की ट्रिप प्लान करते हैं, तो पासपोर्ट वैधता और वीजा-पासपोर्ट लिंक की जांच बुकिंग के समय ही हो जाती है - ताकि बीच में पासपोर्ट रिन्यूअल की स्थिति आए तो उस पर काम करने का समय बचा हो। अपने परिवार की अगली दुबई यात्रा के लिए यह जांच चाहिए तो हमें ट्रिप-प्लानिंग इंक्वायरी भेजिए।
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