इस जोड़ी को योजना क्यों चाहिए
उमियम झील और एलिफेंट फॉल्स शिलॉन्ग के दो प्रमुख जल-पड़ाव हैं, मगर दोनों शहर के विपरीत छोर पर हैं - उमियम उत्तर में गुवाहाटी रोड पर, झरना दक्षिण-पश्चिम में अपर शिलॉन्ग में। ग़लत क्रम में दिन शहर पार करने में निकल जाता है। सही क्रम में दोनों एक साफ़ दिन में आ जाते हैं, और गुवाहाटी से आ रहे हों तो उमियम सचमुच रास्ते में पड़ता है।
उमियम झील: समय और टिकट
- यह झील 1960 के दशक की शुरुआत में उमियम नदी पर बांध बनाकर बना जलाशय है, गुवाहाटी हाईवे पर शिलॉन्ग से करीब 15 किमी पहले। नज़ारे मुफ़्त और कभी भी; संचालित वाटर स्पोर्ट्स रोज़ सुबह 9 से शाम 5 बजे।
- नौकाविहार करीब 1,500 रुपये में दस लोगों तक की नाव के लिए दर्ज है; पेडल बोट, कैनो और कायक लगभग 20 रुपये प्रति 30 मिनट। मेघालय के छोटे काउंटरों पर दाम बिना सूचना बदलते हैं, मौके पर पूछ लें।
- पास में ऑर्किड लेक रिज़ॉर्ट और लुम नेहरू पार्क एक-दो घंटे का आसान ठिकाना है - बेंच, लॉन और देवदार-ढके द्वीपों का क्लासिक नज़ारा।
- सुबह सबसे अच्छा: शांत पानी, कम भीड़, और शिलॉन्ग के शहरी ट्रैफ़िक से पहले।
एलिफेंट फॉल्स: दोपहर बाद की पारी
- झरना सुबह 6 बजे खुलता है और शिलॉन्ग शहर से 12 किमी है। प्रवेश शुल्क मामूली नकद, पार्किंग अलग - 20, 50, 100 रुपये के नोट रखें।
- तीन हिस्से: पहला प्रवेश के पास समतल ज़मीन से दिखता है; नीचे के दो करीब 120 गीली कंक्रीट सीढ़ियाँ माँगते हैं, हैंडरेल साथ।
- दिसंबर से अप्रैल सबसे सुरक्षित; मानसून में सीढ़ियाँ फिसलन भरी और छींटे सब भिगो देते हैं।
- कितनी नीचे जाएँ उस पर सहज भ्रमण 60-90 मिनट का है।
काम करने वाला क्रम
गुवाहाटी से आ रहे हों तो उमियम रास्ते में ही रोकें - झील हाईवे पर ही है, तो सुबह 9 बजे की नौका बिना किसी इधर-उधर के हो जाती है। शिलॉन्ग में चेक-इन, खाना, फिर करीब 3 बजे एलिफेंट फॉल्स जब टूर-भीड़ छंट चुकी हो, और शाम पुलिस बाज़ार में। पहले से शिलॉन्ग में हों तो हल्का-सा उलटें: झरना सुबह 6:30-7 बजे जब सीढ़ियाँ खाली हों, फिर देर सुबह उमियम - 5 बजे की नौका-सीमा ध्यान में रखते हुए। दोनों हालत में शहर दो बार नहीं, एक बार पार करेंगे।
छिपी मुश्किलें
- शिलॉन्ग का शहर-केंद्र दोपहर और शाम के रश में जाल है - दोनों स्थलों के बीच सिर्फ शहर पार करने में 30-40 मिनट रखें।
- उमियम के वाटर स्पोर्ट्स ठीक 5 बजे बंद, और मौसम बिगड़ते ही नावें पहले रुक जाती हैं। पहाड़ी बारिश जल्दी आती है; आसमान घिरे तो पहले नाव, फिर झरना - उल्टा नहीं।
- नावें रद्द हो जाएँ तो भी झील का व्यूपॉइंट काम करता है; झरने के निचले हिस्से भारी बारिश में नहीं। गीले दिन उमियम जीतता है।
- दोनों जगह टिकट, पार्किंग और नाश्ता नकद में।
- दोनों जल्दबाज़ आधे दिन के लिए नहीं। एक ही चुनना हो तो एलिफेंट फॉल्स - वह अद्वितीय है; झील प्यारी है मगर दूसरे जलाशयों जैसी लगती है।
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