- पुरी
- ठहरने का ठिकाना। मंदिर लगभग 5.30 बजे खुलता है
- कोणार्क
- पुरी से लगभग 35 किमी। सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला
- कोणार्क का रेलहेड
- पुरी, लगभग 29 किमी (ओडिशा पर्यटन लिस्टिंग)
- दाम
- यहाँ नहीं दिए। खुद बनाएँ, खंड 4 देखें
यह चालाक सवाल है। पुरी और कोणार्क दो अलग छुट्टियाँ नहीं हैं। ओडिशा पर्यटन के कार्यक्रमों के अनुसार कोणार्क पुरी से लगभग 35 किमी है, और ज़्यादातर लोग इसे पुरी से निकलने वाला सफ़र मानते हैं। असल चुनाव यह है कि सोएँगे कहाँ और कोणार्क को कितने दिन देंगे।
1. सफ़र
पुरी में रेलवे स्टेशन है, जिसे ज़िला पेज जगन्नाथ मंदिर से 3 किमी बताता है। कोणार्क की एक प्रॉपर्टी की ओडिशा पर्यटन लिस्टिंग निकटतम रेलवे स्टेशन पुरी, 29 किमी, और बीजू पटनायक हवाई अड्डा 81.5 किमी बताती है। यानी आप भुवनेश्वर या पुरी के रास्ते ही आते हैं, और कोणार्क दूसरा चरण है। पहले सफ़र के लिए हमारा भुवनेश्वर से पुरी रूट गाइड देखें।
2. रफ़्तार
- पुरी: मंदिर के अपने विज़िटर पेज के अनुसार वह लगभग 5.30 बजे खुलता है, और मंदिर के अंदर व आसपास फ़ोन, जूते और चमड़ा नहीं चलते। बाकी समय बीच की शामें। यह धीमे, कई दिन के ठहराव के लिए ठीक है।
- कोणार्क: ASI के अनुसार सूर्य मंदिर सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला है, और 15 से कम उम्र के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश है। यह लंबी पैदल दूरी वाला खुला परिसर है, इसलिए आधे दिन के लिए ठीक है, ठहरने के लिए नहीं।
3. कौन क्या चुने
माता-पिता या छोटे बच्चों वाले परिवार आम तौर पर पुरी में सोकर कोणार्क को एक बार का सफ़र बनाएँ तो बेहतर रहते हैं। अगर आपकी रुचि सिर्फ़ सूर्य मंदिर में है और आप गाड़ी से गुज़र रहे हैं, तो कोणार्क का छोटा पड़ाव काफ़ी है। पैदल चलने के बारे में हमारा कोणार्क वरिष्ठ यात्री गाइड देखें।
4. बजट कैसे बनाएँ
हम कमरे या टैक्सी के दाम नहीं बताते, क्योंकि हमें कोई आधिकारिक रेट सूची नहीं मिली। खुद बनाएँ:
- ठहरना: अपनी तारीख़ों के पुरी होटल सीधे होटल से पूछें, और मंदिर प्रशासन के गेस्ट हाउस अगर जमें।
- कोणार्क सफ़र: दो ड्राइवरों से पुरी से आना-जाना, इंतज़ार समेत, लिखित में पूछें।
- प्रवेश: अपने समूह के लिए ASI का मौजूदा टैरिफ़ देखें। 15 से कम के बच्चे निःशुल्क हैं।
- खाना: प्रति व्यक्ति रोज़ की एक लाइन रखें और मार्जिन जोड़ें।
5. जवाब
पुरी में ठहरें, कोणार्क को आधा दिन दें, और कोणार्क में रात तभी रुकें जब शांत बीच और सुबह की रोशनी चाहिए।
स्रोत
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (asi.nic.in); ओडिशा पर्यटन कार्यक्रम और लिस्टिंग (apps.odishatourism.gov.in); पुरी ज़िला वेबसाइट (puri.odisha.gov.in); श्री जगन्नाथ मंदिर (shreejagannatha.in)। 30 अक्टूबर 2026 को देखा गया।
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