भारतीय यात्रियों से सुनने वाली सबसे आम यात्रा-पूर्व चिंता भाषा है। ईमानदार जवाब: आप पूरा क्लासिक जापान रूट - टोक्यो, क्योटो, ओसाका, हिरोशिमा, हाकोने - एक शब्द जापानी बोले बिना घूम सकते हैं, और लाखों पर्यटक हर महीने ठीक ऐसा करते हैं। पर उस यात्रा का सहज संस्करण पाँच सहारों पर टिका है, और सभी घर से निकलने से पहले तैयार होते हैं।
पहला सहारा: ट्रांसपोर्ट रीढ़ अंग्रेज़ी बोलती है। टूरिस्ट शहरों के JR और मेट्रो नेटवर्क में स्टेशन के नाम, प्लेटफ़ॉर्म नंबर, डिपार्चर बोर्ड और टिकट मशीनें द्विभाषी हैं, और स्टेशन अनाउंसमेंट अंग्रेज़ी में दोहराए जाते हैं। स्टेशन-नंबरिंग सिस्टम चुपचाप नायक है: हर स्टॉप का कोड होता है, जैसे JY-20 या M-08, तो आप कांजी पढ़कर नहीं, कोड से नेविगेट करते हैं। अपनी लाइन का रंग और स्टेशन का नंबर पकड़िए, नेटवर्क खुल जाता है।
दूसरा सहारा: आपका फ़ोन सहज दुभाषी है। Google Translate का कैमरा-मोड मेनू, साइन और पैकेजिंग रीयल-टाइम में पढ़ता है - निकलने से पहले जापानी ऑफ़लाइन पैक डाउनलोड कर लीजिए ताकि बेसमेंट रेस्तराँ और पहाड़ी कस्बों में भी चले। कन्वर्सेशन मोड होटल चेक-इन और फ़ार्मेसी के सवाल ठीक-ठाक निपटाता है। फ़ोन चार्ज रखिए; ट्रांसलेशन ऐप बैटरी जितना ही होता है, तो पावर बैंक डे-बैग में अपनी जगह कमाता है।
तीसरा सहारा: IC कार्ड हज़ार बातचीत हटा देता है। Suica या Pasmo कार्ड (या उनके मोबाइल रूप) ट्रेन, बस, टैक्सी और कॉन्वीनियंस स्टोर पर टैप से भुगतान करते हैं। हर टैप एक टिकट-विंडो बातचीत है जो आपको कभी करनी नहीं पड़ी। अंग्रेज़ी बटन वाली मशीनों पर टॉप-अप कीजिए, और आपका रोज़ का बोलचाल-भार लगभग शून्य।
चौथा सहारा: कठिन मौकों पर काग़ज़ बोलचाल से जीतता है। टैक्सी ड्राइवर शायद ही अंग्रेज़ी बोलें और जापानी पते कुख्यात रूप से धुंधले हैं, इसलिए होटल का नाम-पता जापानी में प्रिंट या स्क्रीनशॉट साथ रखिए - होटल से भेजने को कहिए या उनकी जापानी वेबसाइट का स्क्रीनशॉट लीजिए। कार्ड दिखाइए, सिर हिलाइए, हो गया। यही तरीक़ा रेस्तराँ, मंदिरों और वापसी पर चलता है: जापानी-भाषा स्क्रीनशॉट का छोटा फ़ोल्डर आपके बैग की सबसे कम-रेटेड चीज़ है।
पाँचवाँ सहारा: पाँच वाक्य बाक़ी सब निपटाते हैं। fluency नहीं, शिष्टता चाहिए। सुमिमासेन (सुनिए/माफ़ कीजिए - जापानी का स्विस-आर्मी-नाइफ़), अरिगातो गोज़ाइमास (धन्यवाद), ओनेगाई शिमास (कृपया, ऑर्डर करते समय), एगो वा हनासेमास का (क्या आप अंग्रेज़ी बोलते हैं?), और दाइजोबु देस (मैं ठीक हूँ / नहीं धन्यवाद)। मुस्कान और हल्की झुकाई के साथ बोले ये पाँच नब्बे फ़ीसदी इंसानी बातचीत निपटाते हैं, और कोशिश देखी और प्यार से लौटाई जाती है।
जहाँ भाषा सच में काटती है, ईमानदारी से। ग्रामीण इलाकों और छोटे पारिवारिक रेस्तराँ में अंग्रेज़ी-कवरेज पतली है; अस्पताल और पुलिस मामलों में सच में दुभाषिया चाहिए (बड़े शहर बहुभाषी हेल्पलाइन चलाते हैं); और बिना तस्वीर वाला मेनू लकी-डिप हो सकता है। शाकाहारी और जैन यात्री केवल मौखिक समझौते पर भरोसा न करें - जापानी में छपा डायटरी कार्ड साथ रखें जिसमें साफ़ लिखा हो कि आप क्या नहीं खाते।
ट्रिपकीपर भाषा-प्रश्न पूरी तरह कैसे हटाता है। हमारे फाउंडर-होस्टेड जापान डिपार्चर पर टूर लीडर आपके दुभाषिया, टैक्सी-बुलाने वाले और मेनू-डिकोडर हैं, उतरने से उड़ान तक - और हमारी टीम का प्री-ट्रिप किट उड़ान से पहले ही प्रिंटेड होटल कार्ड, डायटरी कार्ड और फ़्रेज़-शीट भेज देता है। स्वतंत्र यात्रा कर रहे हैं? 'Plan your trip' इन्क्वायरी भेजिए, हम आपके रूट के लिए वही किट तैयार कर देंगे। भाषा तय करे रात का खाना क्या है, यह नहीं कि जाना है या नहीं।
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