The Trip Keeper The Trip Keeper
← जर्नल ☏
4 मिनट में पढ़ें

ट्रेन का प्लेटफॉर्म अचानक बदल जाए तो क्या करें?

प्लेटफॉर्म अचानक बदल जाए तो पहले पक्का करें कि अनाउंसमेंट आपकी ट्रेन के लिए है, फिर स्टाफ के निर्देश से यात्रियों वाले रास्ते से नए प्लेटफॉर्म पर जाएं और ट्रेन व कोच दोबारा जाँचें।

शेयर करें WhatsApp Facebook X
अक्षरों का आकार
प्लेटफ़ॉर्म पर सामान के साथ यात्री और पास के प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ी ट्रेन, फुटओवर ब्रिज पर भीड़ (चित्रात्मक छवि)
एक नज़र में
पहला कदम
ट्रेन नंबर पक्का करें, फिर चलें
स्टाफ से पूछें
एक बार में एक सवाल
शॉर्टकट नहीं
फुट ओवरब्रिज लें, ट्रैक कभी नहीं
बोर्ड और अनाउंसमेंट अलग हों
इन्क्वायरी काउंटर या 139
नए प्लेटफॉर्म पर
पहले ट्रेन, फिर कोच
मम्मी-पापा को भेजें WhatsApp खुलेगा — जिन्हें भेजना है, उन्हें चुनें।

अगर आपकी ट्रेन का प्लेटफॉर्म अचानक बदल जाए, तो भीड़ देखकर न चलें: पहले पक्का करें कि अनाउंसमेंट आपके ट्रेन नंबर के लिए है, नया प्लेटफॉर्म नोट करें, फिर स्टाफ के निर्देशों से यात्रियों वाले रास्ते से जाएं, और वहाँ पहुँचकर अपनी ट्रेन और कोच दोबारा जाँचें। इस सलाह के आधार - 30 अक्टूबर 2024 की रेलवे अडवाइज़री और 28 जून 2019 की मंत्रालय रिलीज़ - अनाउंसमेंट सुनने और फुट ओवरब्रिज इस्तेमाल करने की बात कहते हैं; हर स्टेशन के लिए एक जैसी प्लेटफॉर्म-बदलने की प्रक्रिया तय नहीं करते, इसलिए उस दिन आपके स्टेशन के निर्देश ही मान्य हैं।

प्लेटफॉर्म बदलने पर चार कदमों वाला सूचना कार्ड: ट्रेन नंबर पक्का करें, रास्ता पूछें, साथ रहें, ट्रेन और कोच फिर जाँचें

पहले पक्का करें कि अनाउंसमेंट आपकी ही ट्रेन की है

सामान उठाने से पहले अपना ट्रेन नंबर मिलाएं और पूरी अनाउंसमेंट सुनें। सिर्फ शहर का नाम सुनकर या बाकी लोगों को जाते देखकर न चल पड़ें।

तीन बातें साफ होनी चाहिए: क्या यह हमारी ट्रेन है, नया प्लेटफॉर्म कौन-सा है और वहाँ जाने का रास्ता क्या है। कुछ छूट गया हो तो पूछ लें, "ट्रेन नंबर _____ अब प्लेटफॉर्म _____ पर है क्या?" नया प्लेटफॉर्म साथ वालों को भी बोलकर बता दें, ताकि कोई पुराने प्लेटफॉर्म की तरफ न चला जाए।

जहाँ हैं, वहाँ की हिदायतें मानें

30 अक्टूबर 2024 को दीवाली और छठ की यात्रा के लिए जारी रेलवे की अडवाइज़री में यात्रियों से अनाउंसमेंट पर ध्यान देने और रेलवे स्टाफ की बात मानने को कहा गया था। यह त्योहारों के समय की सुरक्षा सलाह थी, प्लेटफॉर्म बदलने की कोई अलग प्रक्रिया नहीं।

हमारी सलाह है कि सीढ़ी या पैसेज में घुसने से पहले देख लें कि वह आपके नए प्लेटफॉर्म की तरफ जाता है या नहीं। किसी को सीढ़ियाँ चढ़ने में दिक्कत हो तो पूछते समय बता दें: "हमें प्लेटफॉर्म _____ जाना है। मम्मी सीढ़ियाँ नहीं चढ़ सकतीं। किस रास्ते से जाएं?" हमारे देखे स्रोत यह नहीं बताते कि हर स्टेशन पर रास्ता या मदद एक जैसी है, इसलिए यह जगह और ट्रेन के हिसाब से बदल सकता है।

शॉर्टकट नहीं, यात्रियों वाला रास्ता लें

28 जून 2019 की रेल मंत्रालय की रिलीज़ में बताया गया था कि स्टेशन की अनाउंसमेंट में यात्रियों से फुट ओवरब्रिज इस्तेमाल करने और रेलवे ट्रैक पार न करने को कहा जाता है।

दूसरा प्लेटफॉर्म पास दिखे, तब भी ट्रैक पार करके न जाएं। रास्ता न समझ आए तो स्टाफ से पूछ लें। चलते समय फोन जेब में रखें, और रास्ता दोबारा देखना हो तो भीड़ से हटकर रुकें। सीढ़ी के मुँह पर खड़े होकर सामान न सँभालें।

बोर्ड और अनाउंसमेंट अलग बताएं तो

जो देखा और सुना, वही साफ बताएं: "बोर्ड पर प्लेटफॉर्म _____ है, पर अनाउंसमेंट में _____ सुना, ट्रेन नंबर _____ के लिए। कृपया कन्फर्म कर दीजिए।" CRIS के NTES पेज (तारीख नहीं दी गई) के अनुसार स्टेशन के इन्क्वायरी काउंटर और 139 कॉल सेंटर से ट्रेन की जानकारी मिल सकती है। प्लेटफॉर्म ढूँढने वाली हमारी पोस्ट पढ़ें।

नए प्लेटफॉर्म पर पहले ट्रेन, फिर कोच

पहुँचकर पहले ट्रेन नंबर देखें, फिर अपना कोच। पुराने प्लेटफॉर्म पर जहाँ खड़े थे, उसी के हिसाब से यहाँ जगह न मान लें। ट्रेन की तरफ बढ़ने से पहले साथ वालों को बता दें कि कौन-सा कोच ढूँढना है। कुछ भी अस्पष्ट रहे तो एक बार में एक ही सवाल पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अनाउंसमेंट समझ न आए तो क्या करें?
स्टाफ को अपना ट्रेन नंबर दिखाकर कहें कि प्लेटफॉर्म नंबर लिखकर या इशारे से बता दें।

क्या पहले खींचे स्क्रीनशॉट पर भरोसा करें?
नहीं, उसे पुरानी जानकारी मानें। चलने से पहले बोर्ड दोबारा देख लें।

जिससे पूछा, वह भी पक्का न बता पाए तो?
अपना सवाल जैसा है वैसा किसी दूसरे स्टाफ सदस्य से पूछें।

फिर भी ट्रेन न दिखे तो?
दूसरी बार प्लेटफॉर्म बदलने से पहले पूछ लें कि ट्रेन अभी कहाँ है।

25 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए स्रोत: दीवाली-छठ यात्रा के लिए RPF अडवाइज़री, 30 अक्टूबर 2024, रेल मंत्रालय की रिलीज़, 28 जून 2019, CRIS NTES पेज। ये स्रोत अनाउंसमेंट सुनने, स्टाफ की बात मानने और फुट ओवरब्रिज इस्तेमाल करने का आधार देते हैं; हर स्टेशन के लिए एक जैसी प्लेटफॉर्म-बदलने की प्रक्रिया तय नहीं करते।

मम्मी-पापा को भेजें WhatsApp खुलेगा — जिन्हें भेजना है, उन्हें चुनें।
Cheshta Agarwal
Founder · Travel Creator · Lawyer

A Miranda House graduate and lawyer who traded courtrooms for slow travel. Cheshta travels with the batches we host ourselves, with a soft spot for travelling alongside elders.

या सब कुछ हम पर छोड़ दें

अगली यात्रा की योजना बना रहे हैं?

बीमा, होटल, एयरपोर्ट पर मदद और पूरा यात्रा कार्यक्रम — हर यात्रा की तरह हम इसे भी संभाल लेंगे।

इस लेख से जुड़े सवाल

पाठकों ने पूछा, हमने जवाब दिया

अनाउंसमेंट समझ न आए तो क्या करें?

स्टाफ को अपना ट्रेन नंबर दिखाकर कहें कि प्लेटफॉर्म नंबर लिखकर या इशारे से बता दें।

क्या पहले खींचे स्क्रीनशॉट पर भरोसा करें?

नहीं, उसे पुरानी जानकारी मानें। चलने से पहले बोर्ड दोबारा देख लें।

जिससे पूछा, वह भी पक्का न बता पाए तो?

अपना सवाल जैसा है वैसा किसी दूसरे स्टाफ सदस्य से पूछें।

फिर भी ट्रेन न दिखे तो?

दूसरी बार प्लेटफॉर्म बदलने से पहले पूछ लें कि ट्रेन अभी कहाँ है।

आगे पढ़ें

← जर्नल हमारी यात्राएँ देखें