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बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ यात्रा के बारे में काम की बातें — वीज़ा, घुटने, खाना, बीमा, और असल में क्या गड़बड़ होती है। फ़ालतू सूचियाँ नहीं।
396 लेख

दिल्ली एयरपोर्ट पर सक्रिय भारतीय नंबर और उसके बिना वाई-फ़ाई लेने के अलग रास्ते हैं। यात्रा की ज़रूरी जानकारी ऑफ़लाइन भी रखें।

डेटा न मिले तब काम आने वाली बुकिंग, बैग पहचान और संपर्क निजी रखें। संवेदनशील काग़ज़ सार्वजनिक न करें; फ़ोटो को असली यात्रा दस्तावेज़ न मानें।

आगमन का दरवाज़ा हमेशा गाड़ी की पिकअप जगह नहीं। टर्मिनल, स्तर और निशान तय करके असली एयरपोर्ट या बुकिंग निर्देश मानें।

असली आगमन टर्मिनल, पिकअप या अगली उड़ान और एयरपोर्ट के ट्रांसफ़र निर्देश देखें। दिल्ली की शटल हर एयरपोर्ट का नियम नहीं है।

आगमन पर अपनी उड़ान का बैगेज बेल्ट खोजें, बैग मिलाएँ और न मिलने पर बाहर जाने से पहले रिपोर्ट करें। दिल्ली एयरपोर्ट और एयरलाइन के उदाहरण समझें।

अपने बोर्डिंग पास का ग्रुप और असली गेट की पुकार देखें। IndiGo Fast Forward भुगतान वाली एनीटाइम बोर्डिंग का उदाहरण है, सबकी ज़ोन व्यवस्था नहीं।

गेट बदलने पर ताज़ा स्क्रीन और एयरलाइन कर्मचारी से पुष्टि करें। उड़ान नंबर, नया रास्ता, चलने की ज़रूरत और बोर्डिंग समय साथ जाँचें।

एयरोब्रिज और बस से विमान तक पहुँचने का तरीक़ा अलग है। सीढ़ी, पैदल रास्ता, हाथ का सामान और सहायता जाँचें; टिकट से एयरोब्रिज पक्का न मानें।

दो मिनट का halt काफी हो सकता है अगर train आने से पहले तैयारी कर लें: अपना coach पता करें, जहाँ रुकेगा वहाँ खड़े हों, bags बंद और हाथ में। चढ़ना, उतरना, और गड़बड़ होने पर क्या करें।
बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ यात्रा के बारे में काम की बातें — वीज़ा, घुटने, खाना, बीमा, और असल में क्या गड़बड़ होती है। फ़ालतू सूचियाँ नहीं।
396 लेख
3 मिनट में पढ़ें
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंटरनेट नहीं: आधिकारिक वाई-फ़ाई का रास्ता
दिल्ली एयरपोर्ट पर सक्रिय भारतीय नंबर और उसके बिना वाई-फ़ाई लेने के अलग रास्ते हैं। यात्रा की ज़रूरी जानकारी ऑफ़लाइन भी रखें।
3 मिनट में पढ़ें
एयरपोर्ट में जाने से पहले: क्या निजी सेव करें, किसकी फ़ोटो न लें
डेटा न मिले तब काम आने वाली बुकिंग, बैग पहचान और संपर्क निजी रखें। संवेदनशील काग़ज़ सार्वजनिक न करें; फ़ोटो को असली यात्रा दस्तावेज़ न मानें।
3 मिनट में पढ़ें
ड्राइवर के लिए सही आगमन निकास: टर्मिनल, स्तर और निशान
आगमन का दरवाज़ा हमेशा गाड़ी की पिकअप जगह नहीं। टर्मिनल, स्तर और निशान तय करके असली एयरपोर्ट या बुकिंग निर्देश मानें।
3 मिनट में पढ़ें
उड़ान दूसरे टर्मिनल पर उतरी: पहले आगे का क़दम ठीक करें
असली आगमन टर्मिनल, पिकअप या अगली उड़ान और एयरपोर्ट के ट्रांसफ़र निर्देश देखें। दिल्ली की शटल हर एयरपोर्ट का नियम नहीं है।
3 मिनट में पढ़ें
अपना बैगेज बेल्ट कैसे खोजें: भीड़ नहीं, उड़ान देखें
आगमन पर अपनी उड़ान का बैगेज बेल्ट खोजें, बैग मिलाएँ और न मिलने पर बाहर जाने से पहले रिपोर्ट करें। दिल्ली एयरपोर्ट और एयरलाइन के उदाहरण समझें।
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भारत में बोर्डिंग ग्रुप: अपनी उड़ान की पुकार मानें, एक तय चार्ट नहीं
अपने बोर्डिंग पास का ग्रुप और असली गेट की पुकार देखें। IndiGo Fast Forward भुगतान वाली एनीटाइम बोर्डिंग का उदाहरण है, सबकी ज़ोन व्यवस्था नहीं।
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बोर्डिंग गेट बदल गया: पहले उड़ान मिलाएँ, फिर जाएँ
गेट बदलने पर ताज़ा स्क्रीन और एयरलाइन कर्मचारी से पुष्टि करें। उड़ान नंबर, नया रास्ता, चलने की ज़रूरत और बोर्डिंग समय साथ जाँचें।
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एयरोब्रिज या बोर्डिंग बस: गेट से विमान तक क्या बदलता है?
एयरोब्रिज और बस से विमान तक पहुँचने का तरीक़ा अलग है। सीढ़ी, पैदल रास्ता, हाथ का सामान और सहायता जाँचें; टिकट से एयरोब्रिज पक्का न मानें।
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अगर train सिर्फ दो मिनट रुकती है तो क्या करें?
दो मिनट का halt काफी हो सकता है अगर train आने से पहले तैयारी कर लें: अपना coach पता करें, जहाँ रुकेगा वहाँ खड़े हों, bags बंद और हाथ में। चढ़ना, उतरना, और गड़बड़ होने पर क्या करें।