- दाल बाटी चूरमा
- दाल, सिकी गेहूँ की बाटी, मीठा चूरमा, लहसुन की चटनी के साथ (राजस्थान पर्यटन)
- गट्टे की सब्ज़ी
- दही आधारित ग्रेवी में बेसन के गट्टे (इनक्रेडिबल इंडिया)
- केर सांगरी
- खट्टी रेगिस्तानी फलियाँ और बेर, बाजरे की रोटी के साथ (इनक्रेडिबल इंडिया)
- रेस्तराँ और दाम
- कोई नाम या दाम नहीं, हम कोई जाँच नहीं सके
राजस्थानी खाना शाकाहारियों के लिए ज़्यादातर अच्छी ख़बर है, बस एक पेच के साथ। जो सरकारी पेज शाकाहारी व्यंजनों की तारीफ़ करते हैं, वही लाल मांस की करी को भी क्लासिक बताते हैं। इसलिए "राजस्थानी थाली" का मेन्यू दोनों मिला सकता है। यह गाइड बताती है कि कौन से व्यंजन माँगें, उनमें क्या है, और कौन से शब्द बोलें। हम कोई रेस्तराँ नाम नहीं देते, क्योंकि हम किसी की जाँच नहीं कर सके।
1. सरकारी पेजों में बताए शाकाहारी व्यंजन
- दाल बाटी चूरमा: दाल, सिकी गेहूँ की बाटी और मीठा चूरमा, लाल मिर्च और तीखी लहसुन की चटनी के साथ (राजस्थान पर्यटन)।
- गट्टे की सब्ज़ी: दही आधारित खट्टी ग्रेवी में बेसन के गट्टे, रोटी या चावल के साथ (इनक्रेडिबल इंडिया)।
- केर सांगरी: सूखे रेगिस्तानी बेर और फलियों का खट्टा व्यंजन। इनक्रेडिबल इंडिया कहता है कि यह बाजरे की रोटी के साथ अच्छा लगता है।
- राजस्थान पर्यटन का खान-पान पेज गट्टे की खिचड़ी, शाही गट्टे, कचौरी, मिर्ची बड़ा और घेवर भी गिनाता है।
2. मेन्यू का पेच
- उसी राजस्थान पर्यटन पेज पर लाल माँस और सफ़ेद माँस, जो मांस की करी हैं, पारंपरिक व्यंजन के रूप में हैं।
- मान न लें कि "राजस्थानी" मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी है। शाकाहारी निशान देखें या पूछें।
3. मेज़ पर बोलने के वाक्य
- "प्योर वेज किचन है?" पूछें कि पूरी रसोई शाकाहारी है या नहीं।
- "बिना प्याज़ लहसुन?" प्याज़ और लहसुन के बिना के लिए। याद रखें कि दाल बाटी चूरमा के साथ लहसुन की चटनी आती है।
- "इसमें मीट या अंडे का स्टॉक है?" ग्रेवी के लिए।
- "घी या तेल?" ज़रूरी हो तो पूछें कि बाटी और सब्ज़ी किसमें पकी है।
4. जिन सामग्रियों की जाँच करें
- घी: बाटी और चूरमा का केंद्र।
- डेयरी: गट्टे की सब्ज़ी में दही, घेवर में दूध और घी।
- ग्रेवी और चटनी में प्याज़ व लहसुन।
- मिठास: चूरमा मीठा है, इसलिए थाली में आएगा।
5. सफ़ारी के आसपास का खाना
इनक्रेडिबल इंडिया के अनुसार सफ़ारी की खिड़कियाँ सुबह 7:00 से 10:30 और दोपहर 2:30 से शाम 6:00 हैं। इससे नाश्ता और दोपहर का खाना आगे-पीछे होता है। होटल से जल्दी या पैक नाश्ते और लौटने पर क्या मिलेगा, यह पूछें। कुछ होटल खाने के साथ कमरे की योजना बेचते हैं। उदाहरण के लिए आरटीडीसी का कैसल झूमर बावड़ी नाश्ते और दोपहर या रात के खाने के साथ MAP योजना बताता है। अपनी योजना में क्या शामिल है, जाँचें।
6. जो हम जाँच नहीं पाए
- पार्क के पास रेस्तराँ के नाम, गुणवत्ता या दाम।
- किसी होटल की रसोई पूरी तरह शाकाहारी है या नहीं।
- किसी ख़ास जगह पर जैन या बिना प्याज़-लहसुन का खाना मिलेगा या नहीं।
स्रोत
राजस्थान पर्यटन (tourism.rajasthan.gov.in), इनक्रेडिबल इंडिया (incredibleindia.gov.in) और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (rtdc.tourism.rajasthan.gov.in)। 30 अक्टूबर 2026 को देखा गया।
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