जापान में खाने से परेशान भारतीय यात्री और खुशी-खुशी खाने वाले यात्री के बीच का फ़र्क़ कम ही रेस्तराँ ढूँढ़ने का होता है। असली फ़र्क़ चार छोटी आदतों का है: कमरे की केतली, कन्वीनियंस स्टोर का माइक्रोवेव, होटल लॉबी का साझा ओवन, और सही तरीके से उठाया गया ब्रेकफ़ास्ट बुफ़े। ये चार सीख लें तो जापान खाने की समस्या रहना बंद कर देता है - शाकाहारी हों या नहीं।
हैक 1: कमरे की केतली ही आपकी रसोई है। लगभग हर जापानी होटल कमरे में - बिज़नेस चेन से लेकर र्योकान तक - इलेक्ट्रिक केतली, कप और चाय-साशे मिलते हैं। यही एक उपकरण आपकी सुबह और देर रात चलाता है: रेडी-टू-ईट पोहा या उपमा कप के लिए पानी उबालना, जाँची हुई इंस्टेंट मिसो-स्टाइल सूप, घर से लाई चाय, जाँचा हुआ शाकाहारी वेरिएंट वाले नूडल्स, और सादा गरम पानी - जापानी नल का पानी हर जगह सुरक्षित है, तो पीने के लिए भी। पहली बार इस्तेमाल से पहले केतली एक बार धो लें, बस यात्रा सेट।
हैक 2: कॉनबिनी वहाँ ख़रीदी हर चीज़ गरम कर देते हैं। यही आदत भारतीय सबसे कम इस्तेमाल करते हैं, जबकि सबसे ज़्यादा करनी चाहिए। 7-Eleven, Lawson या FamilyMart से बेंटो, ओनिगिरी या कोई माइक्रोवेव-योग्य चीज़ ख़रीदते हैं तो स्टाफ़ गरम करने की पेशकश करता है - या आप इशारा करके कह सकते हैं। गरम खाना, बिना रेस्तराँ, किसी भी घड़ी। कुछ बड़े स्टोरों में कप नूडल्स के लिए हॉट-वाटर डिस्पेंसर भी होते हैं, जो आपके अपने जाँचे हुए कप-भोजन के लिए मुफ़्त उबलता पानी भी दे देता है। नियम सीधा है: गरम करना उसी स्टोर की ख़रीदी चीज़ों के लिए है, तो पहले ख़रीदें, फिर कहें।
हैक 3: होटल का साझा माइक्रोवेव ढूँढ़ें। जापानी होटल कमरों में माइक्रोवेव कम ही रखते हैं - अग्नि-सुरक्षा और हाउसकीपिंग नियम उन्हें बाहर रखते हैं - पर कई बिज़नेस-होटल चेन (APA, Super Hotel जैसी) लॉबी, रेस्तराँ या लिफ़्ट-लॉबी के पास एक साझा यूनिट रखती हैं। चेक-इन पर पूछ लें: 'microwave?' बस इतना कहना काफी है। डिनर-टाइम में छोटी कतार लग सकती है, तो अपना सीलबंद भारतीय रेडी-टू-ईट डिनर थोड़ा जल्दी या देर से गरम करें। यही एक मशीन वजह है कि भारत से सीलबंद RTE पैकेट लाना (हमारी फूड-पैकिंग गाइड के क्वारंटीन नियमों के मुताबिक) जापान में इतना अच्छा काम करता है।
हैक 4: ब्रेकफ़ास्ट बुफ़े, सही तरीके से। ज़्यादातर मिड-रेंज और बेहतर होटल जापानी-पश्चिमी बुफ़े देते हैं। शाकाहारी का नक्शा: सादा चावल, ब्रेड, जैम, फल, दही, सलाद (ड्रेसिंग जाँचें), सीरियल, जूस, कॉफ़ी और अक्सर अंडे - अगर आप खाते हों। सावधानी की सूची: मिसो सूप (दाशी), ज़्यादातर उबली डिशें (दाशी), और कोई भी सॉस जिसे आप पहचान न सकें। सुरक्षित स्प्रेड खूब खाएँ - यह मंदिर-भरी सुबह निकाल देता है - और बाकी पर दांव न लगाएँ। कुछ नए होटल शाकाहारी-अनुकूल स्टेशन का विज्ञापन करते हैं; चेक-इन पर पूछ लेना चाहिए।
शिष्टाचार जो आपको स्वागतयोग्य रखता है। जापानी होटल और कॉनबिनी ये सुविधाएँ चुपचाप देते हैं, और मेहमान साफ़-सुथरे रहें तो सब सुखद रहता है: साझा माइक्रोवेव गंदा हो तो पोंछ दें, रश-आवर में भीड़ भरी लॉबी में तेज़ गंध वाली करी न गरम करें, ट्रे वापस रखें, और कमरे की 'cooking' उबलते पानी तक ही सीमित रखें, धुआँ निकालने वाला कुछ नहीं। थोड़ी सी सावधानी यहाँ बहुत सद्भावना कमाती है।
ट्रिपकीपर कैसे मदद करता है। हमारे फाउंडर-होस्टेड जापान डिपार्चर में आपके रूट के होटल पहले से इन्हीं आदतों को ध्यान में रखकर चुने जाते हैं - कमरों में केतली, ज्ञात लॉबी माइक्रोवेव, ऐसे ब्रेकफ़ास्ट स्प्रेड जिन्हें हमारी टीम खुद देख चुकी है - और टूर लीडर पहुँचने के दिन ही हर एक बता देता है। हमारी टीम एयरपोर्ट ट्रांसफ़र और चेक-इन भी संभालती है, ताकि पहला दिन आसान रहे। अपनी तारीखों की योजना? 'Plan your trip' इन्क्वायरी भेजें और ऐसी होटल-योजना पाएँ जो भारतीय परिवारों के खाने के असली तरीके पर बनी हो।
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